हमने बजरी में हल चला, कोपल उगाना ठाना है।

O painter!

O painter!
You painted butterfly on my soul,
and handprint wings to fly!
Fairyland of yesterday,
That still survive,
I want to fly,
With you into the dream sky,
To find abode of our aspire
Away from down town,
and millions of their sway,
O painter!
Else paint a lader of rainbow,
and let us climb upto the free sky,
To be there for a while,
Together!
Till the dusk fall!

इस रात को देखोे!

इस रात को देखोे,
पता नहीं किस धुन में है,
इस वक़्त , जब दुनियाँ सो रही है,
सड़कें सुनी है, घोसलों में सन्नाटा है,
तब इसे तरन्नुम गाना है,
वो पुरानी बातें, उनसे जुड़ी यादें,
जुल्फों से ढका चेहरा,
होंठ पे मादक  मुस्कान,
अंगुलियों पे चढ़े रंग,
ऐसे ऐसे छंद,

मुझे नींद से जगा,
कानों में आ गुनगुनाता है,
इस रात को देखोे,
पता नहीं किस धुन में है,

अगर कुछ दे सकते हो!

अगर कुछ दे सकते हो ,
तो मुझे पुरा आसमाँ दो,
साथ ही सारे चाँद सितारे दे दो,
बादल का हर टुकड़ा दो,
बिजली का हर कतरा दे दो।

पुरा जमीन, सारे पहाड़,
पहाड़ों से गिरते हिमस्खलन दे दो,
सारे झरने, सभी नदियाँ,
उनको मिलने समुद्र  दे दो।

आधा अधूरा ले ना सकूँगा,
कतरों में मै जी ना सकूँगा,
खुशी के सारे तिनके दे दो,
गम के  सारे मौसम दे दो।

I will walk

I will walk
With wounded toes,
and  bleeding knees,
In the woods and up the steep hill,
I know
There is no visibility,
and clear path ahead,
I know
what lies next is rocky mountain
And foggy woods
in the journey ahead,
But I will walk
To build the path with my barefoot,
And clear the sky with the gleam of hope,
For the journey ahead!

अगर रख सको मुझे।

अगर रख सको मुझे,

तो रखो ख्वाब सा

अपने सर आँखो पर,

या फिर चाँद सा

अपने आसमानों पर।

वरना राह में मुसाफ़िर और भी होंगे,

मर्जी तेरी, रास्ते तेरे,

हमराही तेरे और भी होंगे।

हमे अकेला चलना भी पसंद,

अजनबी से मिलना भी पसंद,

पहाड़ों सा ठहरना भी पसंद,

वक़्त सा बदलना भी पसंद।

साधु के वेश में,

किसी और देश में,

एकतारा ले

हमे चलना भी पसंद।

To the eternal companion!

Dear Shashi,
Words are my voice , my inner experience, my feelings and the memoir. Words are the only belonging of yours that I have. Your heavenly smile, glitter of the eye and  every slice of your demeanour even dismal , I reap and preserve them into basket of the words . Words are the only treasure I have and can gift you on your every happy moment and stand by  you in every sad moment.
The Sunday morning thought, which I want to share with you is merely words.

With Love
MyPen-MyWorld

solitude journey!

जो मिले तेरा साथ,
तो साथ सही,
वरना अकेले,
बादलों से मुलाकात सही,
मेरे पलको पे या तेरे पलको पे,
हो कहीं भी ख़्वाब , वो ख़्वाब भली,
आसमां तक बढ़ते इन राहों पे,
चलना ही है मुराद अभी!

सानवी को सुलाना!

निंदिया हौले हौले आना,
संग अपने सपना तु लाना,
सानु के पलको पे सजाना,
निंदिया हौले हौले आना,

निंदिया हौले हौले आना,
मोरनी से मांग पंखुरी तु लाना,
सानु के बदन को सहलाना,
निंदिया हौले हौले आना,

निंदिया हौले हौले आना,
सोने का रुत ये सुहाना,
धीमे तु गाना सुनाना,
सानु का मन बहलाना,
निंदिया हौले हौले आना.. ! !